
भैरव अष्टमी पर हवन-पूजन के साथ हुए भंडारे के आयोजन
धार्मिक उल्लास से शहर के भैरव मंदिरों में मनी भैरव अष्टमी।
खंडवा। अगहन कृष्ण पक्ष की अष्टमी को कालभैरव अष्टमी के रूप में धार्मिक अनुष्ठान के साथ मनाया जाता है। बुधवार को भैरव अष्टमी का पर्व भैरव मंदिरों में धार्मिक उत्साह के साथ हवन पूजन और भंडारे के साथ आयोजित हुआ। कई श्रद्धालुओं द्वारा इस दिन व्रत रखा गया। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि शिवपुराण के अनुसार इसी दिन भगवान शिव ने कालभैरव के रूप में अवतार लिया था। इन्हें काशी का कोतवाल माना जाता है। कालभैरव अष्टमी व्रत भय और दुखों से मुक्ति दिलाने वाला माना गया है। इस दिन विशेष रूप से शिव जी की भैरव और ईशान नाम से पूजा की जाती है। भरत की भारत भूमि ऋषि-मुनियों की भूमि मानी जाती है और यहां देवी-देवताओं की पूजा अर्चना के साथ उनके रक्षकों की भी पूजा की जाती है। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी इंदौर नाका स्थित महाकाल भैरव मंदिर में प्रातः काल बाबा का अभिषेक विशेष शृंगार के पश्चात सुबह सभी के कल्याण हेतु हवन किया गया एवं जन्माष्टमी पर भैरव अष्टमी पर्व पर ढोल ढमाके आतिशबाजी के साथ शोभायात्रा भी निकली। दोपहर 12:00 बजे से देर रात्रि तक विशाल भंडारा भी आयोजित हुआ जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर बाबा के दर्शन कर भंडारे में प्रसादी ग्रहण की। मंदिर के पुजारी नानू बाबा एवं इंदल
पवार ने सभी भक्तों को भैरव अष्टमी की शुभकामनाएं दी। रामनगर स्थित स्वयंभू प्रकट कालभैरव मंदिर में भैरव अष्टमी का पर्व उत्साह से मनाया गया।
बुधवार को भैरव अष्टमी पर सुबह 8 से 10 बजे तक बाबा का श्रृंगार, अपरान्ह 11 बजे हवन, दोपहर 12 बजे आरती पश्चात प्रसादी का वितरण हुआ। सुनील जैन ने बताया कि रामनगर के साथ ही घंटाघर स्थित कालभैरव मंदिर में भी भैरव अष्टमी पर प्रात: अभिषेक, श्रृंगार, पूजा एवं विश्व शांति एवं सभी के कल्याणार्थ हवन एवं आरती का आयोजन हुआ जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन कर प्रसादी ग्रहण की। सायंकाल बच्चों द्वारा भैरव बाबा की जयंती पर उत्साह पूर्वक केक काटकर जयंती मनाई गई।
लोहारी नाका भैरव मंदिर, रामगंज स्थित बटुक भैरव, झीलोद्यान स्थित काल भैरव मंदिर, शनि मंदिर स्थित भैरव मंदिर, पंधाना रोड पर भवानी माता गेट के समीप बटुक भैरव मंदिर के साथ शहर के भैरव मंदिरों में भैरव अष्टमी धार्मिक उत्साह से मनाई गई। घंटाघर स्थित भैरव मंदिर में पंडित द्वारा पाठ एवं मंत्रोच्चार के साथ हवन कराया गया जिसमें अशोक सोनी, धीरज सोनी, समाजसेवी सुनील जैन जगदीश करे, गोलू सोनी के साथ नमन, प्रियल, चुन्नु, निशांत सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।









